स्वास्थ्य · उप-स्तंभ 2.2

रोकथाम और जन स्वास्थ्य

स्वच्छता, साफ़ पीने का पानी, मधुमेह और हृदय रोग जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम, और महामारियों तथा अन्य जन स्वास्थ्य आपात स्थितियों के लिए तैयारी।

रोकथाम और जन स्वास्थ्य क्या है?

रोकथाम और जन स्वास्थ्य 2047 तक विकसित भारत के लिए 47 BH ढाँचे का उप-स्तंभ 2.2 है, जो स्वास्थ्य स्तंभ के पाँच उप-स्तंभों में दूसरा है। यह पूछता है कि क्या भारतीयों को साफ़ पीने का पानी और स्वच्छता मिलती है, क्या देश मधुमेह, उच्च रक्तचाप और जीवनशैली से जुड़ी अन्य बीमारियों की बढ़त को रोक रहा है, और क्या वह महामारियों तथा अन्य जन स्वास्थ्य आपात स्थितियों के लिए तैयार है।

2047 के लिए यह क्यों अहम है

बहुत-सी बीमारियों का इलाज करने से बेहतर और सस्ता उन्हें रोकना है। जिस गाँव में सुरक्षित नल का पानी और चालू शौचालय हैं, वहाँ दस्त से पीड़ित बच्चे कम होते हैं; जिस वयस्क का रक्तचाप चालीस की उम्र में पकड़ में आकर नियंत्रित हो जाता है, वह पचपन की उम्र में स्ट्रोक के साथ अस्पताल नहीं पहुँचता; जो ज़िला किसी प्रकोप को हफ़्तों के बजाय दिनों में पकड़ लेता है, वह बाकी सबको बचा लेता है।

भारत में लोगों को बीमार करने वाली चीज़ें बदल रही हैं। संक्रमण और ग़रीबी से जुड़ी बीमारियाँ ख़त्म नहीं हुई हैं, लेकिन मधुमेह, हृदय रोग, कैंसर और साँस की बीमारियाँ अब मौतों का एक बड़ा और बढ़ता हिस्सा हैं, और ये अक्सर यहाँ दूसरी जगहों से पहले शुरू हो जाती हैं। संक्रमणों के लिए बनी स्वास्थ्य व्यवस्था को अब उन बीमारियों की रोकथाम और प्रबंधन सीखना होगा जो जीवन भर साथ रहती हैं।

Covid-19 महामारी ने दिखाया कि किसी देश का स्वास्थ्य जन स्वास्थ्य पर कितना निर्भर करता है: निगरानी, प्रयोगशालाएँ, प्रशिक्षित फ़ील्ड स्टाफ़ और नागरिकों का भरोसा। 47 BH अगली आपात स्थिति के लिए तैयारी को रोज़मर्रा के स्वास्थ्य का हिस्सा मानता है, बाद में सोची जाने वाली बात नहीं।

भारत कहाँ खड़ा है

  • 82.1%

    ग्रामीण परिवारों, यानी 19.36 करोड़ में से लगभग 15.89 करोड़, के पास 18 जुलाई 2026 को नल से पानी का कनेक्शन था, जबकि अगस्त 2019 में जल जीवन मिशन शुरू होने के समय यह 16.7% था।[1]

  • 11.4%

    भारतीय वयस्कों को मधुमेह है और अन्य 15.3% को प्रीडायबिटीज़ है, यानी लगभग 101 मिलियन (10.1 करोड़) और 136 मिलियन (13.6 करोड़) लोग, 2023 में प्रकाशित ICMR-INDIAB राष्ट्रीय अध्ययन के अनुसार।[2]

  • 35.5%

    वयस्कों को उच्च रक्तचाप है, यानी लगभग 315 मिलियन (31.5 करोड़) लोग; बॉडी मास इंडेक्स के हिसाब से 28.6% मोटापे से ग्रस्त हैं और 39.5% में पेट का मोटापा है।[2]

  • 42.8

    100 में से, यह 195 देशों में महामारियों के लिए तैयारी के 2021 Global Health Security Index पर भारत का स्कोर था, जिसमें रोकथाम (29.7) और त्वरित प्रतिक्रिया (30.3) सबसे कमज़ोर क्षेत्र रहे।[4]

पानी और स्वच्छता के मामले में, एक दशक में बड़ा बदलाव आया है। 2014 से अब तक 12 करोड़ से अधिक घरेलू शौचालय बनाए गए हैं, और दिसंबर 2025 तक 83% से अधिक गाँवों ने ख़ुद को ODF Plus मॉडल घोषित कर दिया था, जिसमें 5.27 लाख से अधिक गाँवों में ठोस कचरा प्रबंधन की व्यवस्था है। [3] 2026 तक नल का पानी पाँच में से चार ग्रामीण घरों तक पहुँच गया, जो 2019 में छह में से एक था, और बाकी घरों तक पहुँचने के लिए मिशन को दिसंबर 2028 तक बढ़ा दिया गया है। [1] खुला सवाल यह है कि क्या नलों में रोज़ पानी आता है और क्या शौचालयों का रोज़ इस्तेमाल होता है, जिसे कनेक्शन की कोई गिनती नहीं दिखा सकती।

जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के मामले में तस्वीर चिंताजनक है। दस में से एक से अधिक वयस्क को मधुमेह है, तीन में से एक से अधिक को उच्च रक्तचाप है, और एक-चौथाई को उच्च कोलेस्ट्रॉल है; अध्ययन का अनुमान है कि लगभग 136 मिलियन (13.6 करोड़) और लोग मधुमेह की ओर बढ़ रहे हैं। [2] जाँच का दायरा बढ़ा है, नवंबर 2025 तक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में उच्च रक्तचाप की 39.5 करोड़ और मधुमेह की 36.7 करोड़ जाँचें दर्ज हुईं, लेकिन जाँच इलाज की शुरुआत है, अंत नहीं। [5]

महामारी की तैयारी के मामले में, 2021 Global Health Security Index में भारत का 42.8 का स्कोर उसे दुनिया के बीच में रखता है, जिसमें सबसे कमज़ोर स्कोर रोकथाम और त्वरित प्रतिक्रिया पर थे। [4] आँकड़ों पर एक टिप्पणी: मधुमेह और उच्च रक्तचाप के आँकड़े 1.13 लाख वयस्कों के एक बड़े सर्वे से, पानी के आँकड़े एक सरकारी डैशबोर्ड से, और स्वच्छता के आँकड़े गाँवों की स्व-घोषणा और उसके बाद हुए सत्यापन से आते हैं।

47 BH रिपोर्ट कार्ड पर

हर 15 अगस्त को, 47 BH बताता है कि भारत हर उप-स्तंभ पर कितना आगे बढ़ा है। इस उप-स्तंभ के मुख्य संकेतक हैं:

  • घर पर नल के पानी और इस्तेमाल में आने वाले शौचालय वाले परिवारों का हिस्सा (जल जीवन मिशन डैशबोर्ड; राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण)।
  • वयस्कों में मधुमेह और उच्च रक्तचाप की व्यापकता, और जिनका निदान हुआ और जो नियंत्रण में हैं उनका हिस्सा (ICMR-INDIAB; राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण)।
  • महामारियों के लिए तैयारी: Global Health Security Index स्कोर, और प्रकोप को पकड़ने और रोकने में लगने वाला समय (IDSP)।

देखें कि लॉन्च के समय भारत कहाँ खड़ा था: भारत का रिपोर्ट कार्ड 2026

रोकथाम और जन स्वास्थ्य को देखने के दो नज़रिए

शहर और गाँव

47 BH यह पूछता है कि क्या शहर की झुग्गी बस्ती में रहने वाले परिवार को वैसा ही सुरक्षित पानी और जल-निकासी मिलती है जैसी किसी गेटेड सोसाइटी के परिवार को, और क्या गाँव के हर घर में चालू शौचालय है और कोई स्वास्थ्य कर्मी है जो रक्तचाप जाँचता है। जीवनशैली की बीमारियाँ अब केवल शहरों की समस्या नहीं हैं: ICMR-INDIAB अध्ययन का ज़्यादातर सैंपल ग्रामीण भारत से था, जहाँ मधुमेह और उच्च रक्तचाप तेज़ी से बढ़ रहे हैं। [2]

सीखें, बचें, बचाएँ

सीखें
भारत उन देशों से क्या सीख सकता है जिन्होंने पूरी आबादी में नमक, चीनी और तंबाकू का इस्तेमाल घटाया, उन शहरों से जो जल-निकासी और कचरे को जन स्वास्थ्य का मामला मानते हैं, और उन रोग-निगरानी व्यवस्थाओं से जो रियल टाइम में रिपोर्ट करती हैं?
बचें
उसे किन ग़लतियों से बचना चाहिए, जैसे किसी गाँव या शहर को काग़ज़ पर साफ़ घोषित कर देना, लाखों लोगों की जाँच करना पर बाद में इलाज न देना, या आपात स्थिति ख़त्म होते ही निगरानी व्यवस्था को समेट देना?
बचाएँ
उसे अपनी किन चीज़ों की रक्षा करनी चाहिए, जैसे सामुदायिक स्वास्थ्य कर्मी जो हर घर को जानते हैं, घर के बने खाने और रोज़ की शारीरिक गतिविधि की आदतें, और जन स्वास्थ्य प्रयोगशालाएँ तथा वैक्सीन निर्माण, जिन्होंने महामारी के दौरान दुनिया की सेवा की?

यह उप-स्तंभ किन बातों को कवर नहीं करता

ढाँचे में हर विषय की एक ही जगह है। ये संबंधित विषय कहीं और हैं:

रोकथाम और जन स्वास्थ्य पर सवाल

कितने भारतीयों को मधुमेह है?

2023 में The Lancet Diabetes and Endocrinology में प्रकाशित ICMR-INDIAB राष्ट्रीय अध्ययन का अनुमान है कि 11.4% वयस्कों, यानी लगभग 101 मिलियन (10.1 करोड़) लोगों को मधुमेह है, और अन्य 15.3%, यानी लगभग 136 मिलियन (13.6 करोड़) लोगों को प्रीडायबिटीज़ है। [2]

कितने भारतीयों को उच्च रक्तचाप है?

उसी अध्ययन का अनुमान है कि 35.5% वयस्कों, यानी लगभग 315 मिलियन (31.5 करोड़) लोगों को उच्च रक्तचाप है। [2]

भारत में कितने ग्रामीण घरों में नल का पानी है?

जल शक्ति मंत्रालय के अनुसार, 18 जुलाई 2026 को लगभग 15.89 करोड़ ग्रामीण परिवारों, यानी कुल के 82.09%, के पास नल से पानी का कनेक्शन था। अगस्त 2019 में यह हिस्सा 16.71% था। [1]

क्या भारत अगली महामारी के लिए तैयार है?

Brown University और Economist Impact के साथ Nuclear Threat Initiative द्वारा तैयार 2021 Global Health Security Index ने भारत को 100 में से 42.8 अंक दिए, जिसमें सबसे कमज़ोर स्कोर रोकथाम और त्वरित प्रतिक्रिया पर थे। तब से भारत ने प्रयोगशालाओं और निगरानी का विस्तार किया है, और 47 BH इस पर नज़र रखेगा कि स्कोर और प्रकोप पर प्रतिक्रिया का समय कैसे बदलता है। [4]

स्वच्छता स्वास्थ्य का सवाल क्यों है?

क्योंकि दूषित पानी और खुले में शौच से दस्त, टाइफ़ाइड, हेपेटाइटिस और पेट के कीड़ों के संक्रमण फैलते हैं, जो बच्चों का विकास रोकते हैं और बहुत छोटे बच्चों की जान लेते हैं। साफ़ पानी और इस्तेमाल में आने वाले शौचालय किसी देश के लिए स्वास्थ्य के सबसे किफ़ायती उपायों में से हैं।

स्रोत

  1. जल शक्ति मंत्रालय, "Extension of the Jal Jeevan Mission and Transfer of Rural Water Supply Schemes", राज्यसभा में लिखित उत्तर, पत्र सूचना कार्यालय (PIB), 27 जुलाई 2026। कवरेज 18 जुलाई 2026 तक। https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2290048&reg=3&lang=1
  2. Anjana RM, Unnikrishnan R, Deepa M et al., "Metabolic non-communicable disease health report of India: the ICMR-INDIAB national cross-sectional study (ICMR-INDIAB-17)", The Lancet Diabetes and Endocrinology, 2023, vol. 11, pp. 474-489; आँकड़े The National Medical Journal of India में दिए सारांश के अनुसार। https://nmji.in/lessons-learnt-from-the-icmrindiab-study
  3. पेयजल और स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय, "Year End Review 2025", पत्र सूचना कार्यालय (PIB), जनवरी 2026। आँकड़े 16 दिसंबर 2025 तक के। https://static.pib.gov.in/WriteReadData/specificdocs/documents/2026/jan/doc202611750301.pdf
  4. Nuclear Threat Initiative, Brown University School of Public Health और Economist Impact, "Global Health Security Index 2021", भारत की देश प्रोफ़ाइल। https://ghsindex.org/country/india/
  5. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, "Initiatives and Achievements 2025", वर्षांत समीक्षा, पत्र सूचना कार्यालय (PIB), जनवरी 2026। जाँच के आँकड़े 30 नवंबर 2025 तक के कुल। https://static.pib.gov.in/WriteReadData/specificdocs/documents/2026/jan/doc202611749801.pdf

47 BH हर आँकड़े का स्रोत देता है ताकि उसे जाँचा जा सके। अगर आपको कोई गलती मिले, तो उसे खुलेआम सुधारा जाएगा और नीचे दी गई तारीख़ बदल जाएगी।